आयकर विभाग की रेड: उत्कर्ष कोचिंग सेंटर पर छापेमारी, छात्रों के फोन जब्त

जोधपुर स्थित उत्कर्ष कोचिंग सेंटर (Utkarsh Coaching Centre) में आयकर विभाग की टीम ने छापेमारी की है। रेड के दौरान क्लास चल रही थी, जिससे छात्रों को कक्षाओं से बाहर निकाल दिया गया। विभाग ने इस दौरान छात्रों और स्टाफ के फोन भी जब्त कर लिए। घटना के बाद सेंटर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, और पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

देशभर में कई सेंटरों पर रेड

सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग ने सिर्फ जोधपुर ही नहीं बल्कि उत्कर्ष के देशभर में स्थित कई कोचिंग सेंटरों पर छापेमारी की है। यह रेड कोचिंग सेंटर में कथित अनियमितताओं के चलते की गई। इस कार्रवाई ने छात्रों, स्टाफ और अभिभावकों के बीच चिंता पैदा कर दी है।

छापेमारी के दौरान कक्षा से छात्रों को बाहर निकाला गया

रेड के समय कोचिंग में कई छात्र और शिक्षक मौजूद थे। जैसे ही आयकर विभाग की टीम पहुंची, स्टाफ और छात्रों में अफरा-तफरी मच गई। कई छात्र जो ऑनलाइन कक्षाओं से जुड़े थे, उन्होंने घर पर इस कार्रवाई की सूचना दी।

पहले भी आई थी अनियमितताओं की शिकायतें

यह पहली बार नहीं है जब उत्कर्ष कोचिंग सेंटर पर कार्रवाई हुई है। इससे पहले भी आयकर विभाग ने कोचिंग सेंटर पर कई तरह की अनियमितताओं की शिकायतें पाई थीं। भर्ती परीक्षाओं की तैयारी में उत्कर्ष कोचिंग सेंटर छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय है।

जयपुर सेंटर पर विवाद

पिछले साल 15 दिसंबर को जयपुर स्थित उत्कर्ष कोचिंग सेंटर भी विवादों में आ गया था, जब अचानक कई छात्र बेहोश हो गए थे। इस मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने संज्ञान लिया था। उन्होंने राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पर्यावरण और वन मंत्रालय, और जयपुर जिला कलेक्टर से जवाब मांगा। इस मामले की अगली सुनवाई 10 फरवरी को होनी है।

छात्रों और अभिभावकों की चिंताएं

इस रेड ने छात्रों और उनके अभिभावकों को परेशान कर दिया है। छात्रों को उनकी पढ़ाई में बाधा पहुंची है, और कई छात्रों ने रेड के दौरान अपने फोन जब्त होने की शिकायत की है। कोचिंग सेंटर की छवि पर भी इस घटना का गहरा असर पड़ेगा।

आयकर विभाग का उद्देश्य

आयकर विभाग ने इस रेड के पीछे कोचिंग सेंटर में वित्तीय अनियमितताओं की जांच को प्रमुख कारण बताया है। विभाग का कहना है कि छात्रों और शिक्षकों को परेशान करने का कोई इरादा नहीं है, बल्कि कार्रवाई पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है।

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