अब आप UPI ऐप के ज़रिए एक दिन में अधिकतम 50 बार ही अपने खाते का बैलेंस चेक कर पाएंगे।
इसके अलावा, बैंक अकाउंट लिंकिंग या चेक करने की लिमिट 25 बार प्रतिदिन होगी।
✅ 2. ट्रांजैक्शन स्टेटस देखने की सीमा
एक UPI पेमेंट की स्थिति (Status) अब केवल 3 बार ही चेक की जा सकेगी।
दो बार चेक करने के बीच कम से कम 90 सेकंड का अंतराल जरूरी होगा।
✅ 3. AutoPay (ऑटोमैटिक पेमेंट) नियम
अब AutoPay वाले पेमेंट जैसे Netflix सब्सक्रिप्शन, EMI, बिल भुगतान आदि नॉन-पिक घंटों (Non-Peak Hours) में ही प्रोसेस किए जाएंगे।
पिक आवर्स माने जाएंगे:
सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक
शाम 5 बजे से रात 9:30 बजे तक
✅ 4. ट्रांजैक्शन के बाद बैलेंस अलर्ट
हर पेमेंट के बाद अब आपको आपके बैंक अकाउंट का बैलेंस तुरंत बताया जाएगा, जिससे बार-बार बैलेंस चेक करने की जरूरत कम हो जाएगी।
✅ 5. नए यूज़र्स और रिसीवर के लिए सुरक्षा उपाय
जिन खातों को हाल ही में जोड़ा गया है (New UPI users या रिसिपिएंट), उन पर कुछ समय के लिए लेन-देन की लिमिट लगाई जा सकती है।
बड़ी राशि ट्रांसफर करने पर अतिरिक्त सिक्योरिटी वेरिफिकेशन की आवश्यकता होगी।
📌 सरल भाषा में संक्षिप्त सारांश:
🔹 नियम
📝 विवरण
बैलेंस चेक लिमिट
1 दिन में 50 बार से ज़्यादा नहीं
अकाउंट लिंक व्यू लिमिट
1 दिन में 25 बार से ज़्यादा नहीं
ट्रांजैक्शन स्टेटस
केवल 3 बार देख सकते हैं (90 सेकंड गैप जरूरी)
AutoPay लिमिट
केवल Non-Peak टाइम में ही चलेगा
बैलेंस अपडेट
हर पेमेंट के बाद तुरंत बैलेंस दिखेगा
नए रिसीवर/यूज़र
शुरुआत में लिमिट और ज्यादा सिक्योरिटी
❓ ये बदलाव क्यों लाए गए?
UPI सर्वर पर बार-बार क्रैश और स्लो होने की समस्याएं बढ़ रही थीं।
ज्यादातर यूज़र लगातार बैलेंस और स्टेटस चेक कर रहे थे, जिससे नेटवर्क पर लोड पड़ रहा था।
NPCI (UPI की निगरानी संस्था) ने सिस्टम को स्थिर और सुरक्षित रखने के लिए ये सीमाएं तय की हैं।
🔚 निष्कर्ष
अगर आप UPI का सामान्य उपयोग करते हैं तो चिंता की बात नहीं है। लेकिन यदि आप दिन में बार-बार बैलेंस देखते हैं या लगातार ट्रांजैक्शन करते हैं, तो इन नियमों से आपको फर्क ज़रूर पड़ेगा।